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| The United Nations headquarters building in New York |
63 वर्ष पहले दुनिया भर के प्रतिनिधि राष्ट्र संघ के
घोषणापत्र की स्थापना पूरी करने के लिए सान फ्रांसिस्को में एकत्र हुए थे ।
राष्ट्र संघ घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने वाले नेताओं ने मौलिक मानवाधिकारों में
विश्वास की पुष्टि करने और अंतर्राष्ट्रीय और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपनी ताकत
एकजुट करने का वादा किया था ।
राष्ट्र संघ महासभा में बोलते हुए राष्ट्रपति जॉर्ज
डब्ल्यू बुश ने कहा कि राष्ट्र संघ घोषणापत्र के आदर्शों को राष्ट्र संघ की
स्थापना के बाद से एक बहुत गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है- हिंसक
चरमपंथियों द्वारा दुनिया भर में चलाई जा रही गतिविधियों का । उन्होंने कहा
ये
चरमपंथी अपने लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए जान-बूझकर निर्दोषों की हत्या करके
अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के बुनियादी सिद्धांतों की अवहेलना करते हैं । वे उन सबके
प्रति आक्रोश दिखाते हैं, जो जीवन का सम्मान करते हैं और मानव गरिमा को मूल्यवान
मानते हैं । वे बाइबल, कुरान, तूरा के शब्दों को अथवा अंतरात्मा या नैतिकता के
किसी भी मानदंड को अस्वीकार करते हैं । वे न्याय और मानवाधिकारों के उन मूल्यों को
हानि पहुंचाते हैं, जिनके कारण राष्ट्र संघ का जन्म हुआ था- वे मूल्य जिनकी वजह से
दुनिया भर में स्वतंत्रता के अभूतपूर्व विस्तार को प्रोत्साहन मिला है ।
राष्ट्रपति बुश ने कहा कि चरमपंथी खतरे का मुकाबला
करने में सफलता हासिल करने के लिए राष्ट्र संघ के सदस्य देशों को एकाग्र, दृढ़
संकल्प और प्रभावशाली होना चाहिए । उन्होंने कहा
आतंकवादी
हमले होने के बाद केवल उनकी निंदा करने के प्रस्ताव पारित करने के बजाय हमें
आतंकवादी हमलों को न होने देने के लिए ही ज्यादा घनिष्ठ सहयोग करना चाहिए । सभी
प्रकार की सरकारों को समान रूप से सहनीय समझने के बजाय हमें अत्याचार और निराशा की
उन स्थितियों को सक्रिय चुनौती देनी चाहिए, जिनके कारण चरमपंथी और आतंकवादी पनपते
हैं । अपने समय की बुनियादी चुनौती का सामना करने के लिए मिलकर काम करके हम उस
विश्व की ओर बढ़ सकते हैं, जो ज्यादा सुरक्षित, ज्यादा समृद्ध और ज्यादा आशाजनक
होगा ।
राष्ट्रपति बुश ने कहा कि राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद
ने आतंकवाद को गैरकानूनी घोषित करने और सभी देशों को आतंकवादियों को मिलने वाले धन
पर कड़ी नजर रखने के लिए बाध्य करने के लिए प्रस्ताव पारित किये हैं । उन्होंने यह
भी कहा कि राष्ट्र संघ के सदस्य अब एक-दूसरे के साथ खुफिया जानकारियों का
आदान-प्रदान कर रहे हैं, संयुक्त अभियान चला रहे हैं और आतंकवादियों को मिलने वाले
पैसे के स्रोतों को सील कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि राष्ट्र संघ और अन्य
बहुदेशीय संगठनों को आगामी दशकों में लगातार आतंकवाद से मुकाबला करना होगा ।